Monday, December 31, 2012
साल गया 2012
देश की बेटी सबको गमगीन करके चली गई, लेकिन अपने पीछे छोड़ गई है गुस्से और इंसाफ की आग जो आज हर हिंदुस्तान के दिल में जल रही है।गुजरे साल 2012 के दामन पर दामिनी का दाग हमेशा चस्पां रहेगा। इस लिहाज से अगर यह कहा जाए कि जाते-जाते साल 2012 साल गया तो कोई गलत नहीं होगा। साल के आखिरी दिन सोमवार को भी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार इस जंग का गवाह बना। कड़ाके की ठंड में पूरी रात लोग जागते रहे। सुबह हुई तो भीड़ बढ़ती गई। हर कोई इस बेटी को आंसू भरी आंखों से अंतिम विदाई दे रहा था। गैंग रेप पीड़िता की मौत के बाद लोगों में बेहद गुस्सा है, जंतर मंतर पर विरोध का अलग अलग तरीका देखने को मिल रहा है। लोग शांति और खामोशी से अपने गुस्से को बयां कर रहे हैं। कुछ कलाकारों ने पेंटिंग के जरिए अपना गुस्सा और दर्द बयां किया। प्रदर्शनकारियों ने श्रद्धांजलि देने के लिए सिंगनेचर कैंपेन भी चलाया। जंतर मंतर पर ये भीड़ तब जुटी जब इंडिया गेट पर प्रदर्शनकारियों को पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली के दस मेट्रो स्टेशन रविवार को भी बंद रखा गया था। जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए इन नौजवानों ने नए साल का जश्न न मनाने का फैसला लिया है। लोगों ने जंतर मंतर पर इक्ट्ठा होकर कैंडल मार्च निकाले। देश की बेटी की मौत पर हर तरफ गम का माहौल है। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार दिल्ली की छात्रा की मौत से लोग इतने गमगीन व आहत हैं कि उन्होंने नए साल के जश्न से खुद को दूर रखने का फैसला लिया है। लोगों का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना और पीड़िता की मौत से उन्हें गहरा धक्का लगा है, आरोपितों को जब तक सख्त से सख्त सजा देने का फरमान नहीं आयेगा उनको शांति नहीं मिलने वाली है। दिल्ली ही नहीं देश के हर छोटे-बड़े शहरों में इंसाफ की मांग को लेकर आवाज उठाई जा रही है। ऐसे में हमारी कामना होगी कि गुजरे साल की तरह नए साल में फिर किसी दामिनी के दामन पर दाग न लगे और हमारी तमाम बेटियां और बहनें महफूज रहें...ताकि हमें शर्मिंदा न होना पड़े।
Sunday, December 30, 2012
बलात्कारियों की सजा!
दिल्ली गैंग रेप जैसी शर्मसार करने वाली घटना के बाद देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध से निपटने के लिए कड़ी से कड़ी सजा की देशवासियों की ओर से मांग की जा रही हैं। अनेक विशेषज्ञों की ओर से भी सुझाव दिए जा रहे हैं। कोई फांसी की सजा की मांग कर रहा है तो कोई बलात्कारियों के दोष सिद्ध होने पर उसे नपुंसक बनाने की मांग कर रहा है। विधि विशेषज्ञों से भी राय शुमारी की जा रही है। केन्द्र सरकार ने इस मुतल्लिक जस्टिस्ट जे एस वर्मा की अध्यक्षता में एक कमिटी का गठन किया है। जानकारी के अनुसार केन्द्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस जिसकी दिल्ली गैंगरेप मामले में पूरे देश में किरकिरी हुई हैं भी एक सख्त ड्राफ्ट बिल की तैयारी कर रही है। बलात्कारियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के मकसद से कांग्रेस यह ड्राफ्ट जस्टिस वर्मा कमिटी को सुझाव के तौर पर पेश करेगी। इसके तहत रेप के दोषियों को 30 साल तक कैद की सजा की सिफारिश की जाएगी। इसके अलावा इस ड्राफ्ट बिल में रेपिस्टों को केमिकली बधिया करने और 90 दिन की डेडलाइन के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का सुझाव भी शामिल है। यह ड्राफ्ट बिल यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी दिखाया जा चुका है। सोनिया ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते क्राइम को देखते हुए पार्टी को सख्त कानून बनाने को लेकर सक्रियता दिखाने का निर्देश दिया था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे. एस. वर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमिटी गठित की है जो सारे पहलुओं की स्टडी के बाद महिलाओं अपराध के खिलाफ कड़े कानून बनाने पर सुझाव देगी। वर्मा कमिटी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा और पीड़ित को तुरंत न्याय दिलाने को लेकर 30 दिनों की डेडलाइन में काम कर रही है। इसके लिए कमिटी ने 5 जनवरी तक देश भर के लोगों से सुझाव मांगे हैं। वाकई अब समय आ गया है कि इस दिशा में ठोस पहल हो ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। देश अब और इंतजार करने के लिए तैयार नहीं है।
अलविदा...दामिनी!
आनन-फानन में अंतिम संस्कार करवाना चाहती थी पुलिस
श्मशान में थी कड़ी सुरक्षा,आम लोग और मीडिया पर थी पाबंदी
13 दिनों तक जीवन से संघर्ष के बाद मौत से पराजित गैंग रेप पीड़िता दामिनी का अंतिम संस्कार रविवार सुबह 7:30 बजे किया गया। पुलिस पहले ही अंतिम संस्कार करवाना चाहती थी लेकिन हिन्दू परंपराओं के मुताबिक सूरज निकलने से पहले अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता। इसलिए साढ़े सात बजे गोपनीय तरीके से अंतिम संस्कार किया गया। दामिनी भले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हो लेकिन उसके लिए एक बार फिर रविवार को पूरे देश में लोग सड़क पर उतर आए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार से ही लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। हर कोई दामिनी के लिए इंसाफ मांग रहा है।दिल्ली के गैंग रेप के आरोपियों को जल्द सजा देने की मांग को लेकर रविवार को यहां जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के कथित कार्यकतार्ओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। लड़की का शव एयर इंडिया के विशेष विमान से सिंगापुर से दिल्ली लाया गया। शव को कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात करीब साढ़े तीन बजे उनके निवास पर ले जाया गया। शव लेकर घर जा रही ऐम्बुलेंस के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी थे। उनके घर के आस-पास के क्षेत्र में भी सुरक्षा बंदोबस्त कड़ा था। सिंगापुर से लौटने पर शव लेने और परिजनों को सांत्वना देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वहां पहुंची थीं। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने श्मशान पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह, पश्चिमी दिल्ली के सांसद महाबल मिश्र और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष विजेन्दर गुप्ता भी अंतिम संस्कार के वक्त मौजूद थे। घर पर सभी रिवाजों को पूरा किए जाने के बाद शव को कड़ी सुरक्षा में ऐम्बुलेंस में श्मशान ले जाया गया। सीनियर पुलिस अधिकारी का कहना है कि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पिछले हफ्ते इस मामले को लेकर पूरी दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। लड़की के परिजनों को पुलिस सुरक्षा में बस से श्मशान लाया गया। श्मशान को आम लोगों और मीडिया के लिए बंद कर दिया गया था। कानून-व्यवस्था की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारी चाहते थे कि अंतिम संस्कार सूरज निकलने से पहले साढ़े छह बजे तक कर दिया जाए, लेकिन उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी क्योंकि हिन्दू परंपराओं के मुताबिक सूरज निकलने से पहले अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता। पीड़िता के पिता ने सुबह साढ़े सात बजे, बेटों और कई रिश्तेदारों की मौजूदगी में लड़की के शव को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के लिए पुलिस ने साउथ दिल्ली स्थित एक श्मशान के अधिकारियों से शनिवार देर रात संपर्क किया था। अंतिम संस्कार की योजनाओं को पूरी तरह गुप्त रखा गया। पुलिस को डर था कि बड़ी संख्या में लोग श्मशान पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं।
Saturday, December 29, 2012
दिल में गुस्सा,आंखें नम
दिल्ली सहित पूरे देश के हर हिस्से में शांतिपूर्ण तरीके से शोक जताने के साथ ही विरोध किया जा रहा है। हर देशवासियों के दिलों में गुस्सा हैं मगर आंखे नम हैं। देशभर में लोगों ने अपने-अपने तरीके से लड़की के प्रति संवेदना जताई है। सामूहिक दुष्कर्म व हिंसा के बाद इस दुनिया को अलविदा कह गई 23 वर्षीया युवती की मौत का सफर एक फिल्म के साथ शुरू हुआ था। अपने मित्र के साथ फिल्म देखने के बाद बस से लौटना इस युवती के लिए भारी पड़ गया। दक्षिण दिल्ली के साकेत में फिल्म देखने के बाद युवती व उसका मित्र मुनिरका पहुंचे थे। वहां से उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक निजी बस पकड़ी। यह 16 दिसम्बर की देर शाम की घटना है। बस चालक व उसमें मौजूद अन्य सदस्यों ने उनसे कहा कि वे उन्हें पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में छोड़ देंगे। लेकिन यह झूठ था, पर बस में चढ़ी युवती व उसके मित्र के पास उन पर शक करने की कोई वजह नहीं थी और यह उनकी बहुत बड़ी भूल थी। यह बस आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के हाथों में थी। इनमें बस चालक व कंडक्टर भी शामिल थे। दिन के समय यह बस स्कूली बच्चों को छोड़ती थी। रात के समय बस मालिक बस को चालक व कंडक्टर के साथ छोड़कर चला जाता था। बस में चढ़ी युवती व उसके मित्र को यह भी नहीं पता था कि हाल ही में वहां एक व्यक्ति के साथ लूट कर उसे बाहर फेंक दिया गया था। वह व्यक्ति पुलिस के पास गया था लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक जब बस चलनी शुरू हुई तो छह आदमी युवती को खींचकर पीछे की ओर ले गए। इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। उसके दोस्त ने भी इसका विरोध किया और उसे भी पीटा गया। बस में मौजूद इन छह लोगों ने युवती के साथ 40 मिनट तक सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसे लोहे की एक छड़ से मारा-पीटा। इसके बाद उन्होंने युवती व उसके मित्र को महिपालपुर पर सड़क किनारे फेंक दिया। तेरह दिन तक जिन्दगी से संघर्ष के बाद आखिर युवती की सांसे थम गई। देशवासियों का गुस्सा वाजिब है।
जिंदगी की जंग हार गई दामिनी
13 दिनों से जिंदगी की जंग लड़ रही गैंग रेप पीड़ित आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। भारतीय समयानुसार शनिवार तड़के 2.15 बजे सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई। शनिवार शाम उसके पार्थिव शरीर को एयर इंडिया के विशेष विमान से भारत लाया गया। रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। माउंट एलिजाबेथ हॉस्पिटल के सीईओ डॉ केल्विन लोह ने युवती की मौत की सूचना देते हुए कहा-हमें यह बताते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि मरीज का 29 दिसंबर 2012 की सुबह 4 बज कर 45 मिनट पर (सिंगापुर के समयानुसार) निधन हो गया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में माउंट एलिजबेथ हॉस्पिटल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी पीड़ित परिवार के साथ हैं। पिछले दिनों दिल का दौरा पड़ने की वजह से दिमाग में सूजन हो गई थी और इस जाबांज युवती की मौत का बड़ा कारण यही बना। ब्रेन में सूजन की वजह अंदर या बाहर के हिस्से में पानी का जमा होना है। 25 दिसंबर को युवती को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके कारण उसके दिमाग में कई स्थान चोटिल भी हुए। ब्रेन में सूजन और कई अंगों के काम करना बंद करने के कारण पीड़ित ने दम तोड़ा। मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टर यतीन मेहता ने कहा, 'मौत की एक प्रमुख वजह ब्रेन में चोट का होना है। मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल में दिल का दौरा पड़ा था। इससे दिमाग में चोट आई और कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया।' उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में आखिकार मौत दिल का दौरा पड़ने से ही होती है। दिल्ली के वसंत विहार में रविवार 16 दिसंबर की रात चलती बस में गैंग रेप के बाद लड़की को बुरी तरह पीटा गया था। सफदरजंग हॉस्पिटल से लड़की को 26 दिसंबर की रात एयर ऐंबुलेंस के जरिए सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ हॉस्पिटल ले जाया गया था। सफदरजंग हॉस्पिटल में लड़की के तीन आॅपरेशन हुए थे। वहां इलाज के दौरान ज्यादातर समय उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टरों ने इन्फेक्शन की वजह से मरीज की आंत को भी आॅपरेशन कर निकाल दिया था। इससे पहले एलिजाबेथ हॉस्पिटल ने शुक्रवार रात को जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा था कि लड़की के सिर में गंभीर जख्म हैं, फेफड़ों और पेट में इन्फेक्शन है और वह तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ रही हैं। माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के सीईओ डॉक्टर केल्विन लोह ने कहा था, 'गुरुवार को अस्पताल लाए जाने के बाद हमारे डॉक्टरों की टीम ने जांच में पाया कि दिल का दौरा पड़ने के अलावा उसके फेफड़ों और पेट में इन्फेक्शन है और साथ ही सिर में भी गंभीर जख्म हैं।' सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त टी. सी. ए. राघवन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लड़की के पैरेंट्स और परिवार के अन्य सदस्य उसकी पार्थिव देह लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत से चार्टर्ड विमान के दोपहर तक पहुंचने की संभावना है। राघवन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का शोक संदेश लड़की के परिवार वालों तक पहुंचा दिया है। सिंह ने संदेश में भारत को महिलाओं के रहने के लिए सुरक्षित और बेहतर बनाने की इच्छा जाहिर की है। राघवन ने कहा कि लड़की की मौत पर गहरा दुख जाहिर करते हुए उच्चायोग कार्यालय में सिंगापुर सरकार सहित अलग अलग हिस्सों से संदेश आए हैं। उन्होंने पिछले दो दिन में लड़की के इलाज के लिए सिंगापुर के विदेश मंत्रालय, वहां की सरकार और माउंट एलिजबेथ अस्पताल की ओर से किए गए प्रयासों के लिए उनकी सराहना की।
Friday, December 28, 2012
बिहार में शीतलहर
उत्तर प्रदेश के उपर बने पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर पश्चिम बिहार की ओर बढ़ने के कारण उत्तर और मध्य बिहार में कोहरे का प्रकोप है जबकि दक्षिण बिहार में शीतलहर जैसे हालात है और राज्य में रेल तथा हवाई यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एके सेन ने शुक्रवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के उपर बने पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर पश्चिम बिहार की ओर बढ़ने के कारण उत्तर और मध्य बिहार में दिन में भी कोहरा छाया हुआ है जबकि रात के न्यूनतम तापमान के सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे गिरने के कारण बिहार में शीतलहर चल रही है। उन्होंने बताया कि अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बजाय सामान्य से 8 से 9 डिग्री गिरने के कारण उत्तर और मध्य बिहार के इलाकों में दिन में काफी ठंडक है और दिन में कोहरा छाया हुआ है। सेन ने बताया कि शुक्रवार को राज्य में गया सबसे ठंडा स्थान रहा जहां का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी पटना में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अपुष्ट खबरों के अनुसार राज्य भर में पिछले तीन दिन में ठंड के कारण 20 लोगों की मौत हुई लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के शहरी इलाकों में बस पडाव, रैन बसेरों और चौक चौराहों पर अलाव के इंतजाम के लिए कुल मिलाकर 28 लाख रुपये आवंटित किये हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने बताया कि शुक्रवार को राज्य में भागलपुर का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस, बांका का 5.2 और मुजफ्फरपुर का 9.3 दर्ज किया गया। सेन ने बताया कि मौसम पूवार्नुमान के अनुसार नये वर्ष के अवसर पर 31 दिसंबर और एक जनवरी को मौसम साफ रहने लेकिन ठंडक भरा रहने की संभावना है।
कोहरे ने लगाया ट्रेनों पर ब्रेक
पटना। कोहरे के कारण नई दिल्ली से उत्तर बिहार की ओर आने वाली कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। पूर्व मध्य रेलवे ने बताया कि खराब मौसम के कारण हटिया आनंद विहार स्वर्णजयंती एक्सप्रेस अप और डाउन (12873 और 12874) का परिचालन 31 दिसंबर से आगामी 18 फरवरी तक रद्द कर दिया गया है। आंनद विहार सीतामढ़ी लिच्छवी एक्सप्रेस अप और डाउन (14005 तथा 14006) का परिचालन 28 दिसंबर से 17 फरवरी जबकि जनता एक्सप्रेस अप और डाउन (13039 और 13040) को 28 दिसंबर से 19 फरवरी तक की अवधि के लिए रद्द कर दिया गया है। पूमरे के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी अमिताभ प्रभाकर ने बताया कि आनंद विहार से बिहार के लिए दो जोडी स्पेशल ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। कई ट्रेनों का आंशिक समापन भी किया गया है जबकि कुछ परिवर्तित मार्ग से चलायी जा रही हैं।
हवाई सेवा बाधित,दिल्ली में फंसे सीएम
पटना। हवाई सेवा प्रभावित होने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विमान से नई दिल्ली से पटना नहीं आ पाये। राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में गुरुवार को शिरकत करने के बाद शुक्रवार की सुबह उन्हें पटना आना था। कोहरे के कारण हवाई यातायात पर बहुत बुरा असर पडा है। पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब दृश्यता के कारण दोपहर ढाई बजे तक न तो किसी विमान ने उड़ान भरी थी और न ही किसी की लैंडिंग हुई। हवाई अड्डा के हवाई यातायात प्रबंधन (एटीम) सूत्रों ने बताया कि एयरपोर्ट पर दृश्यता 600 मीटर रही जबकि सामान्य परिचालन के लिए यह 1600 मीटर होनी चाहिए। खराब दृश्यता के कारण मुंबई से पटना आने वाली गो एयरवेज की उडान को रांची के लिए मार्ग परिवर्तित कर दिया गया।
भारत ने लिया बदला, पाक को 11 रनों से हराया
अहमदाबाद में हुए दूसरे टी-20 मैच में भारत ने पाकिस्तान को 11 रनों से हरा दिया है। भारत ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य रखा था। 20 ओवर में पाकिस्तानी टीम 181 रन ही बना पाई। भारत की जीत के साथ ही दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर रही।भारत के 192 रनों के जवाब में पाकिस्तानी ओपनरों ने ठोस शुरूआत करते हुए अर्धशतकीय साझेदारी की। लेकिन 9वें ओवर में अश्विन ने पाकिस्तान को झटका देते हुए नासिर जमशेद को 41 के निजी स्कोर पर आउट कर दिया। इसके बाद युवराज सिंह ने 10वें ओवर में शहजाद को 31 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया।लेकिन कप्तान मो. हफीज ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए मैच को रोमांचक बना दिया। हफीज ने अश्विन के एक ओवर में दो लगातार छक्के भी जड़े।इसके बाद खतरनाक दिख रहे कामरान अकमल भी पवेलियन लौट गए। दोनों बल्लेबाजों को अशोक डिंडा ने पवेलियन भेजा। इससे पहले युवराज सिंह ने धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को मजबूत स्कोर रखने में मदद की। युवराज ने 36 गेंदों पर 72 रनों की धमाकेदार पारी खेली। अपनी पारी के दौरान युवराज ने छक्कों की बरसात कर 2008 टी-20 वर्ल्ड कप की याद दिला दी। युवराज ने पाकिस्तान के नंबर एक स्पिनर सईद अजमल के एक ओवर में लगातार तीन छक्के भी मारे। युवराज का साथ देने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 23 गेंद पर 33 रन बनाकर आउट हुए। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की ओर से गौतम गंभीर और अजिंक्य रहाणे ने बल्लेबाजी करने उतरे और दोनों के भारत को अच्छी शुरूआत दिलाई। आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे गंभीर को 21 रन पर उमर गुल ने एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 44 रनों की साझेदारी हुई। गौतम गंभीर के बाद रहाणे भी 28 रन पर आउट हो गए। रहाणे को भी उमर गुल ने ही पवेलियन भेजा। इसके बाद विराट कोहली 27 रन बनाकर सोहेल तनवीर का शिकार बने। इसके बाद धोनी मैदान पर उतरे। लेकिन इस बीच युवराज और कोहली के बीच अच्छी साझेदारी हो चुकी थी। युवराज और धोनी ने टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचा दिया। पाकिस्तान ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। जबकि भारतीय टीम में एक बदलाव किया गया है। रवींद्र जडेजा की जगह स्पिनर आर अश्विन को शामिल किया गया है। बैंगलोर टी-20 में कड़ी आलोचना के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अश्विन को खिलाने का फैसला लिया।
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